
जालंधर (हितेश सूरी) : जिला उपभोक्ता फोरम में 7 केस हारने के बाद अब जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (जेआईटी) को इन सात केसों से सम्बंधित फ्लैट होल्डर्स को करीब 84 लाख रूपए का भुगतान करना पड़ेगा। बता दे कि इन 7 केसों में 5 केस बीबी भानी काम्प्लेक्स और 2 केस इंदिरापुरम कॉलोनी के फ्लैटों से सम्बंधित है। एडवोकेट मोहित बब्बर , नीलम कलसी , सीमा और निरंजन दास समेत सात लोगो को यह भुगतान किया जाना है। बताते चले कि इन सभी ने फ्लैट लिए थे , लेकिन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट इन अलॉटियों को फ्लैट नहीं दे पाया। और जिन्हे फ्लैट दिए उन्हें तय की गयी सुविधाएँ वहां पर उपलब्ध नहीं करवाई गयी। जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की इंदिरापुरम कॉलोनी में फ्लैट लेने वाले एडवोकेट मोहित बब्बर ने दो फ्लैट के केस में जिला उपभोक्ता फोरम के फैसले पर रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर करने का फैसला लिया है। चाहे दोनों केसों में उनके हक़ में फैसला आया है लेकिन उन्हें इस बात पर ऐतराज़ है कि जिला उपभोक्ता फोरम मुआवजे के तौर पर सिर्फ 6 % ब्याज देने के आदेश दिए है जबकि इससे पहले सभी मामलों में जिला उपभोक्ता फोरम से 9 % ब्याज देने के आदेश आये है। इसलिए वह जिला उपभोक्ता फोरम में ही रिव्यू पिटीशन डालेंगे। आज न्यूज़ लिंकर्स के साथ विशेष बातचीत दौरान एडवोकेट मोहित बब्बर ने बताया कि उन्होंने साल 2006 में इंदिरापुरम में दो फ्लैट लिए थे। जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने साल 2009 में इन फ्लैटों का कब्ज़ा देना था लेकिन ट्रस्ट फ्लैट तैयार नहीं कर पाया और ना ही तय तय की गयी सुविधाएँ वहां पर उपलब्ध करवाई गयी। ट्रस्ट ने ना तो इंदिरापुरम की एप्रोच रोड को चौड़ा किया और ना ही कॉलोनी के अंदर कोई सुविधा उपलब्ध करवाई। ऐसे में उन्होंने साल 2019 में इस बारे केस करके मूल राशि और ब्याज की मांग की थी।