
जालंधर (हितेश सूरी) : पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि शहीद भगत सिंह चौक में शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के लगाए गए नए बुत की जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि यह बुत शहीद भगत सिंह की प्रमाणित तस्वीरों से मेल नहीं खाता और इसे सिर्फ 11 इंच के पेडेस्टलपर लगाया गया है। जब भी कोई व्यक्ति नमन करने के लिए बुत के पास आता है तो व्यक्ति के मुकाबले में बहुत छोटा दिखाई देता है। श्री कालिया ने यह भी बताया कि नए बुत का बायां हाथ ऊपर उठा हुआ है जबकि दुनिया भर में शहीद भगत सिंह के जितने भी बुत बने हुए है , उनमे शहीद भगत सिंह का दायां हाथ ऊपर है। श्री कालिया ने कहा कि शहीद भगत सिंह का नाम न तो पेडेस्टल पर और न ही कही अन्य लिखा गया गया है। शहीद भगत सिंह का नाम उद्घाटन प्लेट पर बहुत छोटे अक्षरों में चौक के रूप में लिखा है। जबकि जिन महानुभावों ने चौक का उद्घाटन किया है उनका नाम बड़े अक्षरों में लिखा हुआ है। श्री कालिया ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि शहीद भगत सिंह हमारे राष्ट्रीय हीरो है। उनकी शहादत और उनके बुत नौजवान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। पर उनको उसी प्रामाणिकता के साथ दिखाया जाना चाहिए। नगर निगम ने शहीद-ए-आज़म के बुत को बनवाने और लगवाने में पूरी तरह लापरवाही बरती है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। श्री कालिया ने यह भी बताया कि पैसे बचाने के चक्कर में बुत के ऊपर गुबंद भी बहुत छोटा बनाया गया है। जिससे बुत नज़र ही नहीं आता। श्री कालिया ने इस प्रोजेक्ट की जांच की मांग करते हुए कहा कि आरोपी निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी निश्चित की जाये और नए बुत पर हुए खर्च की राशि संबंधित अधिकारी से वसूली जाये। श्री कालिया ने यह भी मांग की है कि नए लगे बुत की जगह किसी प्रसिद्ध शिल्पकार से कांस्य की प्रतिमा बनवायी जाये।