
नई दिल्ली (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरों) : माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आज पंजाब के पूर्व सीएम व शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल को देहांत के बाद एक धोखाधड़ी के मामले में क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में सुखबीर बादल और अकाली नेता दलजीत सिंह चीमा का नाम भी शामिल था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया है। जस्टिस एमआर शाह और सीटी रवि कुमार की बेंच ने प्रकाश सिंह बादल और वरिष्ठ अकाली नेता दलजीत सिंह चीमा की तरफ से दायर याचिका का फैसला 11 अप्रैल को सुरक्षित रखा था। आज सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के होशियारपुर में ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन को रद्द कर दिया, जिसे पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। बैंच की और से फैसला सुनाने वाले जस्टिस शाह ने कहा कि अपीलकर्ताओं के खिलाफ निचली अदालत द्वारा पारित सम्मन आदेश और कुछ नहीं, बल्कि कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। बता दे कि सामाजिक कार्यकर्ता बलवंत सिंह खेड़ा द्वारा 2009 में होशियारपुर की अदालत में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि शिरोमणि अकाली दल के 2 संविधान हैं – एक में गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए गुरुद्वारा चुनाव आयोग को रजिस्टर्ड करवाया गया है, जबकि दूसरे में राजनीतिक दल के तौर पर चुनाव आयोग को रजिस्टर्ड करवाया गया। उन्होंने तर्क दिया कि यह धोखाधड़ी के बराबर है। निचली अदालत द्वारा समन जारी होने पर बादल परिवार और चीमा ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को जारी रखा। जिसके बाद बादल परिवार और चीमा ने अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।