जालंधर के बहुचर्चित ढिल्लों ब्रदर्स सुसाइड केस में हाईकोर्ट सख्त, कहा- समय पर जांच पूरी करें और 31 दिसंबर तक रिपोर्ट पेश करे SIT

जालंधर (योगेश सूरी) : बहुचर्चित ढिल्लों ब्रदर्स मानवजीत और जश्नबीर के सुसाइड केस में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट में याचिकाकर्ता ने SIT की जांच पर सवाल खड़े किए गए थे। जिस पर कोर्ट ने मामले में पूरी जांच समयबद्ध पूरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने जांच कर रही SIT को मामले की विस्तृत रिपोर्ट 31 दिसंबर तक जमा करने के आदेश दिए हैं।
याद रहे की 16 अगस्त 2021 को जालंधर के थाना डिवीजन नंबर-1 में फैमिली विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कुछ बहस हो गई थी। मानवजीत और जश्नबीर एक लड़की परमिंदर कौर की तरफ से थाने में गए थे। इसी दौरान पुलिस ने लड़की वालों को थाने से बाहर निकाल दिया था। थोड़ी देर में पुलिस कर्मचारी को भेजकर मानवजीत को अंदर बुलाया था। इसी दौरान मानवजीत के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगी। बाद में परिजनों ने आरोप लगाया था की जोर जोर से चिल्लाने की आवाजें सुनने के बाद जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो मानवजीत की पगड़ी की तौहीन कर उसी पीटा जा रहा था। पुलिस वालों का कहना था कि मानवजीत ने महिला कॉन्स्टेबल जगजीत कौर के साथ बदसलूकी की थी। जगजीत कौर की शिकायत पर अधिकारियों से डिस्कस करने के बाद मानवजीत के खिलाफ बदसलूकी करने का मामला दर्ज कर उसे हवालात में बंद किया था। कथित रुप में हुई पिटाई व मामला दर्ज होनें से आहत दोनों भाईयों ने बाद में गोइंदवाल साहिब के पुल से उफनती नदी में छलांग लगा कर सुसाइड कर ली थी l जिसके बाद मामलें में कई दिग्गज नेता भी SHO के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सामने आ गए थे व शहर में ढिल्लों ब्रदर्स को इंसाफ दिलाने के लिए कैंडल मार्च भी निकाले गए थे l दोनों भाईयों के पक्ष में बढ़ते दबाव के चलते पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने SHO नवदीप सिंह को बर्खास्त कर दिया था l बर्खास्तगी के दौरान लम्बी फरारी के बाद आखिरकार नवदीप सिंह को जमानत मिल गई थी l इस दौरान बर्खास्त किए गए SHO नवदीप सिंह की पत्नी सुखविंदर कौर ने आरोप लगाए थे कि जिन मानवजीत और जश्नबीर को बहुत अच्छे बच्चों की तरह से प्रेजेंट किया जा रहा है, वह उन पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। दोनों भाई जेल से समझौते के बाद छूटे थे। हिमालय मोटर्स की कॉलोनी में लड़कियों को कथित रूप में परेशान करने को लेकर उनका हिमालय मोटर्स के मालिक से झगड़ा हुआ था। दोनों भाइयों और उनके दादा ने तेजधार हथियारों के साथ हिमालय मोटर्स के मालिक पर हमला किया था। दोनों भाइयों और उनके दादा पर हत्या के प्रयास के जुर्म में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत केस दर्ज हुआ था।