
जालंधर (हितेश सूरी) : जालंधर के DCP बलकार सिंह ने 1973 की दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश दिया है कि कोई भी दुकानदार / दर्जी, सैनिक / अर्धसैनिक बल / पुलिस की बनी बनाई वर्दी या कपडा लेकर सिलाई की हुई वर्दी बिना खरीददार की दरुस्त शनाख्त किये बिना बेच नहीं सकता । भाव खरीददार की उचित पहचान के बिना सिलाई वर्दी नहीं बिकेगी।वर्दी खरीदने वाला व्यक्ति सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसे / उसके लिए जारी किए गए फोटो पहचान पत्र की एक स्वप्रमाणित फोटोकॉपी रखेगा और रजिस्टर पर खरीदार की रैंक, नाम, पता, फोन नंबर और पोस्ट करने का स्थान दर्ज करेगा। यह रजिस्टर दो महीने में एक बार पुलिस स्टेशन के संबंधित मुख्य अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा और आवश्यकता होने पर पुलिस को रिकॉर्ड प्रदान किया जाएगा। DCP ने जालंधर पुलिस कमीशनरेट की सीमा के भीतर किसी प्रकार का जलूस निकलने , किसी समागम/जलूस में हथियार उठाकर चलने , पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के इक्कठे होने एवं नारेबाजी करने पर पाबंदी लगाई है। DCP ने कमीशनरेट पुलिस की सीमा के भीतर किसी प्रकार के हथियार जैसे बेसबॉल , तेज हथियार , नुकीले (तीखे) हथियार या कोई भी जानलेवा हथियार वाहन में रखकर चलने पर भी पाबंदी लगाई है। इसी तरह DCP द्वारा यह भी हुकम जारी किया गया है कि जालंधर पुलिस कमीशनरेट के अंतर्गत आते सभी मैरिज पैलेसों / होटलों में विवाहों और अन्य सामाजिक समागमों में जनता द्वारा हथियार लेकर जाने पर पाबंदी होगी और साथ ही उन मैरिज पैलेसों / बैंक्वेट हॉलों के मालिकों को निर्देश दिए गए है कि वह अपने पैलेसों / बैंक्वेट हॉलों में सी सी टीवी कैमरे लगाने के लिए जिम्मेदार होंगे। जारी किये उक्त हुकम 02.11.2020 तक लागू रहेंगे।