मनोरंजन कालिया के पत्र के बाद भगत सिंह चौक में लगे शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के बुत के निर्माण में हुई लापरवाही की जांच शुरू
कालिया के हस्तक्षेप के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यालय ने एक पत्र लोकल बॉडीज के प्रिंसिपल सैक्रेटरी को निकाला है जिसमे इस मामले में 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा


जालंधर (हितेश सूरी) : पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया ने पंजाब के कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर मांग की थी कि जालंधर के शहीद भगत सिंह चौक में शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के लगाए गए नए बुत की जांच करवाई जाए। आज इसी के तहत जांच का काम भी शुरू हो चुका है। श्री कालिया के हस्तक्षेप के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यालय ने एक पत्र लोकल बॉडीज के प्रिंसिपल सैक्रेटरी को निकाला है जिसमे इस मामले में 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। बता दे कि श्री कालिया ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री पंजाब व अन्यों को पत्र लिखा था जिसमे उन्होंने आरोप लगाया था कि यह बुत शहीद भगत सिंह की प्रमाणित तस्वीरों से मेल नहीं खाता और इसे सिर्फ 11 इंच के पेडेस्टलपर लगाया गया है। जब भी कोई व्यक्ति नमन करने के लिए बुत के पास आता है तो व्यक्ति के मुकाबले में बहुत छोटा दिखाई देता है। श्री कालिया ने यह भी आरोप लगाए थे कि नए बुत का बायां हाथ ऊपर उठा हुआ है जबकि दुनिया भर में शहीद भगत सिंह के जितने भी बुत बने हुए है , उनमे शहीद भगत सिंह का दायां हाथ ऊपर है। इतना ही नहीं शहीद भगत सिंह का नाम न तो पेडेस्टल पर और न ही कही अन्य लिखा गया गया है। शहीद भगत सिंह का नाम उद्घाटन प्लेट पर बहुत छोटे अक्षरों में चौक के रूप में लिखा है। कई अन्य लोगों तथा संस्थाओं के भी ऐसे आरोप है कि शहीद भगत सिंह के बुत किसी जोशीले युवक की बजाय एक संत का बुत प्रतीत होता है। इस मामले में श्री कालिया ने मांग भी की थी कि लापरवाही बरतने वाले आरोपी निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी निश्चित की जाये और नए बुत पर हुए खर्च की राशि संबंधित अधिकारी से वसूली जाये। श्री कालिया ने यह भी मांग की थी कि नए लगे बुत की जगह किसी प्रसिद्ध शिल्पकार से कांस्य की प्रतिमा बनवायी जाये। अब देखना यह है कि लोकल बॉडीज विभाग मुख्यमंत्री कार्यालय को क्या रिपोर्ट भेजता है ??