
जालंधर (हितेश सूरी) : जालंधर में हार का मुंह देखने वाले पूर्व विधायकों द्वारा चुनावों में हुई अपनी हार का ठीकरा दूसरे सीनीयर नेताओं के सिर फोड़ने का सिलसिला लगातार जारी है l कल एक रोचक घटनाक्रम में जालंधर के डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत सिंह बंटी जालंधर पश्चिमी से चुनाव हारे कांग्रेस के पूर्व विधायक सुशील रिंकू की शिकायतों का शिकार हो कर कांग्रेस को अलविदा कह गए तो अब जालंधर सेन्ट्रल से हार का मुंह देखने वाले कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेन्द्र बेरी द्वारा मेयर जगदीश राजा के विरुद्ध की गई शिकायत का मुद्दा गर्मा गया है l बता दे की चुनावों के दौरान भी बेरी ने छिपे शब्दों में जालंधर के मेयर जगदीश राजा पर बेरी के विरुद्ध चलने के आरोप लगाए थे व चुनाव हारने के बाद तो बकायदा रुप में हाईकमान से जगदीश राजा के विरुद्ध शिकायत भी की थी l
डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत सिंह बंटी के इस्तीफे के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कल तुरंत उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने की घोषणा कर इस्तीफा प्रकरण को दबाने का पूरा प्रयास किया था व सोशल मीडिया पर सारा दिन बंटी बनाम हाईकमान मुद्दा चर्चा में रहा था l बहरहाल बंटी के इस्तीफे/ बर्खास्तगी के बाद अब जालंधर सेन्ट्रल से चुनाव हारे कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेन्द्र बेरी द्वारा मेयर जगदीश राजा के विरुद्ध की शिकायत पर हाईकमान द्वारा कार्रवाई न होनें का मामला गर्मा रहा है l बता दे की हलांकि चुनावों के पूर्व सांसद संतोख चौधरी के घर एक खास बैठक में राजेन्द्र बेरी व मेयर जगदीश राजा की “मिलनी” के चित्र भी खूब चर्चा में रहे थे, परन्तु यह “मिलनी” भी केवल समाचारपत्रों तक ही सीमित रही चुनावों के दौरान बेरी गुट द्वारा मेयर जगदीश राजा पर साथ न देने के खुल कर आरोप लगे व बेरी की हार का ठीकरा भी बेरी की नाकामीयों को नजरअंदाज कर मेयर जगदीश राजा के सिर फोड़ने के पूरे प्रयास किए गए l बहरहाल अब देखना होगा की क्या पंजाब कांग्रेस हाईकमान डिप्टी मेयर बंटी की तर्ज पर मेयर राजा के विरुद्ध भी कार्रवाई कर अपनी एक और बड़ी विकट गिराता है या मामला बातचीत से हल कर लिया जाता है l