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♦बंद!! ‘आयुष्मान इलाज योजना’ पंजाब में ध्वस्त, 5 लाख तक का मुफ्त इलाज बंद !!
♦पंजाब की कांग्रेस सरकार व बीमा कम्पनियों में विवाद की भेंट चढ़ी मोदी की मुफ्त ईलाज योजना, मरीजों में सहम!!
♦डा. राकेश विग (NHA) ने की पुष्टि, पंजाब सरकार के अगले निर्णय तक नहीं होगा प्राईवेट अस्पतालों में इस योजना के तहत मुफ्त ईलाज!!

जालंधर (हितेश सूरी) : पंजाब में जरुरतमंदों को सेहत संबंधी मिल रही केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार द्वारा शुरु की गई “आयुष्मान भारत सरबत सेहत बीमा योजना” बंद हो जाने का समाचार है l बता दे की इस योजना के अंतगर्त जरूरतमंद लोगों को 5 लाख रुपये तक की सहायता राशि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा मिल रही थी l आयुष्मान भारत सरबत सेहत बीमा योजना पंजाब में ध्वस्त होनें के पीछे प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार और बीमा कंपनियों के बीच चल रहे विवाद के कारण राज्य के सेहत विभाग ने बीमा कंपनी को योजना से बाहर कर दिया और नई बीमा कंपनी की तलाश शुरू कर दी है। उधर, कंपनी ने भी 29 दिसंबर के बाद कोई भी क्लेम देने से अस्पतालों को इन्कार कर दिया है, जिससे इस योजना के अंतगर्त इलाज करवा रहे मरीजों में सहम का माहौल है । खास बात यह है कि पंजाब सरकार ने पुरानी बीमा कंपनी को 30 जनवरी, 2022 तक राज्य के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में योजना के तहत होने वाले इलाज का क्लेम करने के आदेश दिए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त बीमा कंपनी ने दो दिन पहले सेहत विभाग के साथ IMA पंजाब और सभी प्राइवेट अस्पतालों को एक ई-मेल भेजकर बताया है कि 29 दिसंबर 2021 के बाद आयुष्मान योजना के तहत होने वाले इलाज का क्लेम उनकी कंपनी द्वारा नहीं किया जाएगा। कंपनी की तरफ से भेजी गई Email के बाद राज्य के सभी निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है और उन्हें गत वीरवार से आयुष्मान योजना के तहत नए मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया, जबकि पुराने मरीजों को अस्पताल से छुट्टी की जा रही है। इसके साथ मरीजों को कहा जा रहा है कि अब योजना के तहत इलाज नहीं होगा, अगर उन्हें इलाज करवाना है, तो उसके पैसे देने होंगे। ऐसे में निजी अस्पतालों की तरफ से बीच में इलाज बंद करने से मरीजों व उनके परिजनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है, व मरीजों व उनके परिजनों में सहम का माहौल बना हुआ है l इस कारण अस्पतालों ने बीते वीरवार से ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत नए मरीजों को दाखिल करना बंद कर दिया, जबकि पुराने मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। मरीजों को कहा जा रहा है कि अब योजना के अंतर्गत इलाज नहीं होगा और यदि उन्होंने इलाज करवाना है तो उनको पैसे देने पड़ेंगे। इस कारण मरीजों और उनके परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर आयुष्मान योजना को लेकर डिप्टी सीम ओ.पी. सोनी के साथ बात की गई तो उन्होंने भी माना कि यह यह समस्या जरूर आई थी, लेकिन इसका हल कर लिया गया है और योजना के अंतर्गत मुफ्त इलाज की सुविधा लोगों को मुहैया करवाने के लिए नई बीमा कंपनी की खोज भी की जा रही है। नर्सिंग होम एसोसियशन जालंधर के प्रधान डा राकेश विग ने उक्त समाचार की पुष्टि करते हुए कहा की बार-बार मरीजों के हित्त में सरकार द्वारा अनुबंधित बीमा कम्पनि व सेहत विभाग को कम्पनी की कार्यशैली में बदलाव न आने, सरकार द्वारा मामले को गम्भीरता से न लेने व 29 दिसम्बर से योजना के अंतगर्त पैसे न जारी करने के सम्बंध में 24 जनवरी को प्राप्त Email प्राप्त होने के बाद राज्य भर के प्राईवेट अस्पतालों में उक्त योजना के अंतगर्त ईलाज बंद करने का निर्णय लिया गया है l बहरहाल सरकार से नई कम्पनी से अनुबंध के मामलें में बैठको का दौर जारी है l

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