
जालंधर (हितेश सूरी) : सैक्रेटरी रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी जालंधर (आरटीए) बरजिंदर सिंह ने जिले के प्रदूषण जांच केंद्रों को परिवहन विभाग के वाहन फोर सॉफ्टवेयर से जुड़ने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक सभी प्रदूषण जांच केंद्रों के लिए वाहन फोर सॉफ्टवेयर से जुड़ना जरूरी है, इसलिए जो सेंटर अभी तक वाहन फोर सॉफ्टवेयर के एप्लिकेशन प्रोग्राम इंटरफेस (एपीआई) से नहीं जुड़े, वह 30 अक्टूबर 2020 तक इस सिस्टम से जुड़ें। आरटीए जालंधर ने कहा कि अगर निर्धारित समय बीतने के बावजूद जो सेंटर वाहन फोर सॉफ्टवेयर से नहीं जुड़ेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की तरफ से सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी निर्देशों के तहत सभी अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्रों को वाहन फोर सॉफ्टवेयर से जोड़ने का आदेश दिया गया था लेकिन जो सेंटर अभी तक सॉफ्टवेयर पर अपडेट नहीं हुए, उन्हें आखिरी मौका देते हुए उनके लिए 30 अक्टूबर 2020 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। निर्धारित समय में सॉफ्टवेयर से नहीं जुड़ने वाले सेंटर्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को लिख दिया है।