कोरोना कहर में टीकाकरण ही कोरोना से लड़ने का एकमात्र विकल्प , टीकाकरण को लेकर लोगों को किसी भ्रम में नहीं फंसना चाहिए : डा. अश्वनी सूरी

जालंधर (हितेश सूरी) : “कोरोना के बढ़ते कहर में टीकाकरण ही कोरोना से लड़ने का एकमात्र विकल्प है व टीकाकरण को लेकर लोगों को किसी भ्रम में नहीं फंसना चाहिए” उक्त सलाह टैगोर हार्ट केयर के चीफ कार्डियक सर्जन डा. अश्वनी सूरी ने न्यूज़ लिंकर्स से एक बातचीत में दी l उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार हर व्यक्ति को टीकाकरण करवाना चाहिए l उन्होनें कहा की पुरानी शूगर , बल्ड प्रैशर के रोगियों व अन्य किसी भी प्रकार की बीमारी से ग्रस्त रोगियों के लिए टीकाकरण बहुत आवश्यक है l उन्होनें कहा की एनाफिलेक्सिस विरोधाभास है पर यह अत्यंत दुर्लभ अवस्था है l उन्होंने स्पष्ट किया की टीकाकरण के बाद 90% से भी अधिक मामलों में कोई समस्या नहीं आई l उन्होंने कहा की कम से कम 80 से 90 करोड़ लोगो का टीकाकरण होने से ही कोरोना से कम्यूनिटी प्रतिरक्षण सम्भव हो पाएगा इसलिए लोगों को एक-दूसरे को टीकाकरण के लिए प्रेरित करना चाहिए। डाक्टर सूरी ने कहा की केवल बहुत कम 5 से 6% मामलों में कुछ लोगो को टीकाकरण के बाद हल्का बुखार, मतली या एक साइट दर्द की हल्की – फुल्की समस्या सामने आ सकती है पर यह कोरोना के जोखिम के आगे कुछ नहीं है l उन्होनें कहा की गांव-गांव लोगो को टीकाकरण के लिए प्रेरित किए जाने की आवश्यकता है जहां तक की धार्मिक स्थानो से लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए l उन्होंने टीकाकरण को मानवता की भलाई का काम बताया व लोगो को टीकाकरण को लेकर किसी भी भ्रम में फंस कर आगे आ कर टीकाकरण करवाने की सलाह दी l